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मत्ती 11

अविपर

20 उनहरां ां फटकलग, िउनबड़े भरचमतकमितये; ोंि उनअपणां पशितया। 21 , हर कनतसहर ो! जड़े चमतकम़े हर ितय, अगर कमकनितयोंे, ां ओथबड़े हलओढ़ी ेंे, कनअपणउपर िेंदसणांि उनअपणां पशकरिै। 22 पर ैं ां लदै; ि जड़ी सजकनै, सज़िसजबड़ी घट ै।

23 कफरनहहरो, ां वरकर उचकरण? ां ां पतकर थलकरण; जड़े अनकम़े ितय, अगर सदहर ोंे, ां उनअजकर बणा। 24 पर ैं ां लदै; ि जड़ी सजसदहरां ै, सज़िसजबड़ी घट ोंै।

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