17 ने असु करीन एकुत खरला भगवानेन ईज्जत ने बड़ाय पीड़ीडीट जलम हवती रवे जु नी देख्यु अमरकाय, ने जलमेन राजु छे! आमीन।
17 ने असु करीन एकुत खरला भगवानेन ईज्जत ने बड़ाय पीड़ीडीट जलम हवती रवे जु नी देख्यु अमरकाय, ने जलमेन राजु छे! आमीन।