2 डाहलु असली जीवाय जीवण्यु हवणु चाहजे तेरी जीवाय मां काय बी वाक नी हय पुडारी एकुत लाडीवाळु हवणु चाहजे ने तेरी लाडी तेरे पर नी अदराय करे असी जीवाय जीवण्यु हवणु चाहजे; दसो पेट असो करन्यु नी बाकुन आपसान जीव काजे कब्जाम राखीन दीसरा साते वारु वेहवार राखण्यु हवणु चाहजे चु असु माणुस हवणु चाहजे तेरी दीसरा ईज्जत करता हय ने चु आपसान घर आवण्यान आव-भाव करीन तींद्री खातरी करने वाळु हवणु चाहजे, ने वाळाक खरली वात हुनर सी सीकाड़ने वाळु हवणु चाहजे।
12 पावर्यु एकुत लाडी वाळु हवणु चाहजे ने आपसान पुर्या-पारीन ने आपसान आखा घरन्यान वारु रीते अगवाय करन्या ने राखवाळी करन्या हवणु चाहजे।