4 चु आपसान घरनाक अतरुत वारु अगवाय करन्यु, ने तेरा पुर्या-पारी जलम तेरु अबरु राखता हय, ने आखी वातेम तेरु हुकुम मानीन तेरा कब्जाम रहता हय। 5 कदी तीनाक आपसा घरन्यान वारु अगवाय ने राखवाळी करता नी आवड़े, ती चु भगवानेन मंडळीन आखा माणसेन राखवाळी कसु करसे?
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