23 सांतीन भगवान आपसुत तुहुंंक पुरी रीती सी चुखु करे, ने तुंद्री जीव-आत्मा ने मन ने डील हामरा मालीक ईसु मसीन आवणे लग पुरु-पुरु ने नी-गुनाळा बणीन रवे।
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23 सांतीन भगवान आपसुत तुहुंंक पुरी रीती सी चुखु करे, ने तुंद्री जीव-आत्मा ने मन ने डील हामरा मालीक ईसु मसीन आवणे लग पुरु-पुरु ने नी-गुनाळा बणीन रवे।