17 हेरेसी ए लाटेक्ला, तुहुंं माणसे पेहल सी हीनु वात काजे जाणीन चेतीन रवजु, काहाकी नी-धरम वाळान भरम मां फसीन आपणी ताकत काजे कय्न हात सी खुय मां देय। 18 बाकुन हामरा मालीक, ने छुटकारु आपण्या ईसु मसीन गीण-दया ने उळखाण, मां अथा जावु, सेक-सींगार हय बी हवे, ने जलम पीड़ीडीट हवती रवे! आमीन।