19 भले काय बी हय रयो हय, बाकुन भगवानेन वातेन पायु पाक्कु जमलु छे, ने चु पायु काहना सी नी उळखाये। तीना पाया पर चुखला सास्तुरेन दुय वात एक सीलठप्पा मुजुक लिखली छे, "भगवान मालीक आपसा खरला चेला काजे वारु उळखे।" ने "जु काहनुक कह्वे की ‘मे मालीक ईसु पर भुरसु करो’ तीना काजे कुहराय सी छेटे रहणु चाहजे।"
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