22 जुवानी मां जी भाती-भातीन भुंडली हेर आवे, तीनी हेर सी तु छेटु रव, ने जे चुखला मन सी मालीक भगवानेन नाव लेय, तींद्रे भेळतु, ईसुन भुरसान वातेन, ने धरमेन वातेन, ने परम सी रवणेन वातेन, ने सुकुने जीये मीळीन रहणेन वातेन पछळ, ने ईनी आखी वातेक काळजी करीन पाळतु रव।
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