1 ए भायस्यो ने बहणस्या, हय हामु आपणा मालीक ईसु मसीन पछु आवणेन बारामां, ने तीने टेमे आपणुक, तेरे अगळ भेळा हवणेन बारामां असा लीलघाय्न कवजे; 2 मालीक ईसुन चु दाहड़ु आय गुयु करीन कुय बी तुहुंंक कवसे, तत्यार तुहुंं घाबरायजु घुण, नी ते तीनी वात पर तत्यारुत भुरसु करीन खडळ-वडळ घुण हय जावु, भले चु कहण्यु असु दावु करसे की जी वात ते चुखलु जीव-आत्मा मेसेक कहलु, नी ते पोल्लु ईसुन पावर्यु असु कय र्यु, नी ते चिट्ठी मां असोत लिखलो छे, तेबी तींद्री घुण सामळता। 3 कसा बी काहनाक ने वात मां आय्न ठगायजु घुण, काहाकी जत्यार लग भगवानेन वीरुद नी करे, ने तींद्रु डाहलु जु पापेम पुसायलु माणुस उजेंतु नी हवे, तेरो नास हवणे वाळोत छे, ती लग ईसुन आवणेन दाहड़ु नी आवे। 4 पापेम पुसायलु चु माणुस भगवानेन वेरी बणसे ने चु मटाय करीन देवता कहवायण्या आखा सी ने पुजायणी आखी देवधाणी सी मेत मटु छे करीन हक जमाड़से। ने मेत भगवान छे असु दावु करीन भगवानेन मंदीर मां बसीन राज करने बाजी जासे।
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2 Tessalonicenses 2
ईसुन पछु आवणेन पेहेल कळीम वीतणे वाळी वात
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