भुरसु करने वाळा माणसे वाटे हिम्मतेन दुवा
23 जत्यार चे पतरस ने युहन्ना काजे छुड़ देदा, ती पतरस ने युहन्नु आपसा सातीन्चां आया, ने ज काय पुडारी ने भगवानेन मुख्या पुजारा कवला, च आखो तीनुक कय देदा। 24 ज सामळीन पतरस ने युहन्नु तींद्रा साती आखा मेळीन भगवान सी एक जसी वीन्ती कर्या, ए मालीक, तुत सरगे ने धरतीक, ने समुदर ने समुदर मां ज काय छे, च आखो बणावलु छे।
29 ए मालीक! हय, हींद्री धमकी काजे देख, की तारा पावर्या काजे जु वाटु आप की चे तारा बुल काजे बीहे बीगुर पुरी हिम्मत सी सामळावे। 30 ने तु माणसेक वारु करने करीन आपसुत हात अगु कर; ने तारा चुखला चाकर्या ईसुन नावे, सहलाणी ने भाती-भातीन वारु काम देखाड़? 31 जत्यार चे भगवान धड़े दुवा करीन नवराय गुया, ती चु जागु, जां चे भेळा हय रवला, हाल पड़्यु, ने चुखली-आत्मा तींद्रेम पुरु-पुरु भरायन तीनुक कब्जाम कर लेदु, ने चे हिम्मत सी भगवानेन बुल माणसे काजे सामळावणे बाजी गुया।