29 ए मालीक! हय, हींद्री धमकी काजे देख, की तारा पावर्या काजे जु वाटु आप की चे तारा बुल काजे बीहे बीगुर पुरी हिम्मत सी सामळावे। 30 ने तु माणसेक वारु करने करीन आपसुत हात अगु कर; ने तारा चुखला चाकर्या ईसुन नावे, सहलाणी ने भाती-भातीन वारु काम देखाड़? 31 जत्यार चे भगवान धड़े दुवा करीन नवराय गुया, ती चु जागु, जां चे भेळा हय रवला, हाल पड़्यु, ने चुखली-आत्मा तींद्रेम पुरु-पुरु भरायन तीनुक कब्जाम कर लेदु, ने चे हिम्मत सी भगवानेन बुल माणसे काजे सामळावणे बाजी गुया।
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