56 ने चु कय पड़्यु, "सामळु! मे सरगे काजे उघड़लो, ने माणसेन पुर्या काजे भगवानेन जेवड़्ये आन्गे बसी रवलु देख रयु।"
56 ने चु कय पड़्यु, "सामळु! मे सरगे काजे उघड़लो, ने माणसेन पुर्या काजे भगवानेन जेवड़्ये आन्गे बसी रवलु देख रयु।"