59 ने चे माणसे स्तीफनुस काजे दगड़ाटतात रया, ने चु असु वीन्ती कर्यु, "मालीक ईसु! मारा जीव काजे आवरी ले।" 60 ती चु मुंहडान भुरसे हीट पड़्यु ने जुर सी आयड़ीन कह्यु, "मालीक! ईना पाप-गुनान डंड ईनुक घुण आपे।" ने ज कयदीन चु मर गुयु।
59 ने चे माणसे स्तीफनुस काजे दगड़ाटतात रया, ने चु असु वीन्ती कर्यु, "मालीक ईसु! मारा जीव काजे आवरी ले।" 60 ती चु मुंहडान भुरसे हीट पड़्यु ने जुर सी आयड़ीन कह्यु, "मालीक! ईना पाप-गुनान डंड ईनुक घुण आपे।" ने ज कयदीन चु मर गुयु।