लुछा मां भारी वारु काम
40 ती पतरस आखाक बाहर मकली देदु, ने मांडा टेकीन भगवान धड़े दुवा कर्यु; ने लास भीणी देखीन कह्यु, "ए तबीता! उठ।" तत्यार ची आपसा डुळा उगाड़ देदी, ने पतरस काजे देखीन उठीन बठ गुय।
40 ती पतरस आखाक बाहर मकली देदु, ने मांडा टेकीन भगवान धड़े दुवा कर्यु; ने लास भीणी देखीन कह्यु, "ए तबीता! उठ।" तत्यार ची आपसा डुळा उगाड़ देदी, ने पतरस काजे देखीन उठीन बठ गुय।