भगवानेन चुखली-आत्मा ने चाल-चालण
16 बाकुन मे कहो, आत्मान अनसारे चालु ती तुहुंं डीलेन मरजी काहनी रीती सी पुरी नी करसु। 17 काहाकी डील आत्मान वीरुद मां नी हय ने आत्मा डीलेन वीरुद मां नी हवणेन मरजी करे, ने जे एक दीसरान वीरुद मां नी हय, असो काहा छे की जो तुहुंं करने हींडे, चो कराये नी।
22 बाकुन भगवान जीव-आत्मा आपसा कह्याम जीवण्यान जीवन मां आपसा फळेन जे गुणे उजेंतु करे; परम करनु, खुस रहणु, सांती सी हेळी-मेळीन रहणु, गम खाणु, दीसरान भलाय करनु, भुरसाम रहणु, 23 दीसरा साते भुळा बणीन रहणु, ने आपसाक कब्जाम राखणु, असला वारला कामेन काहना बी कायदान वीरुद नी करे।