2 जे माणसे तुंद्रे घर आवे, तींद्री मेजवानी करनु घुण भुलु; काहाकी थुड़ाक जणा अंजाण्या माणसेन मेजवानी कर्या, ने अळी तीनुक मालम पड़्यो की, हामु ते जाणे बीगुर भगवानेन सरग वाळा चाकर्यान मेजवानी कर देदला।
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2 जे माणसे तुंद्रे घर आवे, तींद्री मेजवानी करनु घुण भुलु; काहाकी थुड़ाक जणा अंजाण्या माणसेन मेजवानी कर्या, ने अळी तीनुक मालम पड़्यो की, हामु ते जाणे बीगुर भगवानेन सरग वाळा चाकर्यान मेजवानी कर देदला।