4 काहाकी हरेक घर काजे बणावणे वाळु रवे, बाकुन चु आखो काय बणायु चु भगवानुत छे 5 मुसु ते भगवानेन आखा घरना चाकर्यान तसु भुरसु करे असु रयु, की जीनी वात काजे समजाड़ने वाळु हतलु तीनी वातेन गवाय आप्यु। 6 बाकुन ईसु मसी ते भगवानेन पुर्यान रुप मां भगवानेन घरनान हकदार्यु छे, ने कदी आपणु हिम्मत राखीन भगवानेन साहरे आपली आस पर टेकला रवसु, ती आपणुत भगवानेन घरना माणसे छे।