27 जसों माणसे काजे एकुत कावा मरनु ने अळतेन तेरु नीयाव हवणु जरुड़ी छे, 28 तसुत मसी बी बेसका माणसेन पाप काजे हाकली लेणे वाटे एक कावा बादा चहड़ी गुयु; ने माणसे हेरी वाट देख र्या हींद्रा छुटकारा वाटे दीसरी कावा पाप नी हाकले तेबी देखायसे।
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