ईसुत वाट छाचली ने जीवन छे1 "तुंद्रु जीव घाबरायणु नी चाहजे। भगवान पर भुरसु करु, ने मारे पर बी भुरसु करु।"
ईसुत वाट छाचली ने जीवन छे1 "तुंद्रु जीव घाबरायणु नी चाहजे। भगवान पर भुरसु करु, ने मारे पर बी भुरसु करु।"