ईसुत वाट छाचली ने जीवन छे
1 "तुंद्रु जीव घाबरायणु नी चाहजे। भगवान पर भुरसु करु, ने मारे पर बी भुरसु करु।"
27 मे तुहुंंक जीवेन सांती आपीन जाम मारी सांती तुहुंंक आपी जाम, जसा ईनी कळीन माणसे सांती आपे, तसली सांती तुहुंंक नी आप्तु; ने तुहुंं तुंद्रा जीवेन घुण घाबरायजु ने घुण बीहजु।