ईसु कह्वे मे खरलु अंगुरेन वेलु छे
1 ईसु कह्यु, "अंगुरेन खरलु वेलु मेत छे। ने ईना अंगुरेन वेलान राखवाळ्यु किरसाण15:1 किसान मारु भगवान बास छे।" 4 अळी अळीन फळ लावणे करीन मे तुहुंंक चुखा करलु छे, जीनु डाळ्या काजे अंगुरेन वेला मां सी काट नाख्या, चे डाळ्या मारेम जुड़ायला नी हय, ने चे आपसात नी फळे। तीने रीते मारेम जुड़ायला नी रहे ती फळ बी नी लावे, ने तुहुंं मारेम जुड़ायला रहु ने मे तुंद्रेम जुड़ायलु रवीस।
5 "चु अंगुरेन वेलु छे, ने तुहुंं मारा डाळ्या छे, मार सी छेटे रय्न तुहुंं काय बी नी कराये। ने जु मारेम जुड़ायलु रहे ने मे तेरेमां जुड़ायलु रवसे, चु बेसकु फळसे।" 7 कदी तुहुंं मारेम जुड़ायला रवसु ने मारी सीकाड़ली वात काजे मान्ता रवसु, ती च बी चाहजे च दुवा करीन मांगजु ने मे तुहुंंक आपी दीस।
16 "तुहुंं मेसेक नी नेवाड़्या, बाकुन मे तुहुंंक नेवाड़ीन तुहुंंक मारे कामे लागाड़लु छे, की तुहुंं मारो नाव लीन भगवान बास सी ज काय दुवा करीन मांगसु च भगवान तुहुंंक आप देसे