ईसु कह्वे मे खरलु अंगुरेन वेलु छे
1 ईसु कह्यु, "अंगुरेन खरलु वेलु मेत छे। ने ईना अंगुरेन वेलान राखवाळ्यु किरसाण15:1 किसान मारु भगवान बास छे।" 2 मारा डाळ्या मायन जे डाळ्या नी फळे, तीनुक मारु भगवान बास काट नाखे। ने जे डाळ्या फळे, चे डाळ्या अळी बी अदु फळनु चाहजे करीन तीनुक छाटे। 3 तुहुंं काजे जी वात सीकाड़लु छे, तीनी वात सी तुहुंं चुखा हय गुयला। 4 अळी अळीन फळ लावणे करीन मे तुहुंंक चुखा करलु छे, जीनु डाळ्या काजे अंगुरेन वेला मां सी काट नाख्या, चे डाळ्या मारेम जुड़ायला नी हय, ने चे आपसात नी फळे। तीने रीते मारेम जुड़ायला नी रहे ती फळ बी नी लावे, ने तुहुंं मारेम जुड़ायला रहु ने मे तुंद्रेम जुड़ायलु रवीस।
5 "चु अंगुरेन वेलु छे, ने तुहुंं मारा डाळ्या छे, मार सी छेटे रय्न तुहुंं काय बी नी कराये। ने जु मारेम जुड़ायलु रहे ने मे तेरेमां जुड़ायलु रवसे, चु बेसकु फळसे।" 6 जे मारेम जुड़ायला नी रहे चे तीनु डाळ्यान तसा छे, तीनुक किरसाण काटीन नाख देय ने चे सुक जाय ने किरसाण ईछीन आकठा मां नाख देय ने चे धप जाय। 7 कदी तुहुंं मारेम जुड़ायला रवसु ने मारी सीकाड़ली वात काजे मान्ता रवसु, ती च बी चाहजे च दुवा करीन मांगजु ने मे तुहुंंक आपी दीस। 8 असा करीन तुहुंं बेसका फळ लावसु, ती मारा भगवान बासेन बड़ाय हवसे ने तत्यार तुहुंं मारा पक्का चेला बण जासु।