23 अळतेन सीपायड़ा ईसु काजे कुरुस पर टांगीन खीळा ठुकीन नवराय गुया, तत्यार चे ईसुन पुथल्यान चार वाटा पाड़्या एक-एक सीपायड़ा वाटे एकेक वाटु पाड़्या बाकुन ईसुन झगल्यो सीवीन बणावलो नी हतलो, बाकुन आखो की आखो गुथीन बणावलो हतलो। 24 ने चे वीच्यार करीन कह्या, आपणु हीना पुथल्याक नी फाड़ता, बाकुन चिट्ठी नाखीन देख लेता की ज कुणीक जड़से ज असो काहा कर्या की खरला सास्तुर मां लिखली वात ची पुरी हवे:
"चे वेरी माणसे मारा पुथल्याक वाट लेदा,
ने चे मारा पुथल्या वाटे चिट्ठी बी नाख्या।"
ने छाचलीन सीपायड़ा असा की असा कर्या।
25 ईसुन कुरुस धड़े ईसुन माय ने ईसुन मायन बहणीस ने काइफान घरवाळी मरीयम मगदलनी मरीयम उभी हय रवली। 26 जत्यार ईसु चां आपसी माय काजे देख्यु ने तीना चेलाक बी देख्यु, जु ईसुन लाटेक्लु चेलु कहवायतेलु, ती चु आपसी माय काजे कह्यु, "ओ माय! देख, हयु तारु बेटु छे।"
27 अळतेन तीना चेलाक कह्यु, हयी तारी माय छे ने तीने टेम सी चु चेलु ईसुन माय काजे आपसी माय मान लेदु। ने आपसे घर ली जाय्न तेरी सेवा चाकरी करने बाजी गुयु।