44 बाकुन जी वात समज लेवु, जत्यार लग मेसेक मकलन्यु भगवान बास तीनाक बी मनवीन मारे धड़े नी लावे तत्यार लग तीनुक मारे धड़े नी आवाये, असला माणसे काजे मे आकरी दाहड़े, मतलब नीयावेन दाहड़े मर्या-सर्याम सी पछु जीवतु करीन बठु कर दीस। 45 भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात बताड़ने वाळा माणसे आपसा किताप मां लिखलो छे, "चे आखा भगवानेन भीणी सी सीकाड़ला रवसे।" जे काहनाक मारा बास सी सामळ्या ने सीक्या, चे मारे धड़े आवे। 46 ज घुण समज्ता की काहनुक भगवान बास काजे देखलु छे, बाकुन जु भगवान बासेन आवजी पर तेरेन्चां सी आवलु छे, हय अतरुत भगवान बास काजे देखलु छे। 47 "मे तुंद्रे सी छाचलीन कहं, की जु काहनुक भुरसु करे, अमर जीवन तेरोत छे।