34 मरीयम सरग वाळा काहवाळ्या काजे कह्यी, "मारो ते अदमी साते सोवसार नी हयो, ती तार साहरे कह्ली वात कसी पुरी हवसे?" 35 सरग वाळु काहवाळ्यु जपाप आप्यु, "तारे पर चुखली-आत्मा उतरसे, ने तार पर आखा सी डाहला भगवानेन जुरभर्यु साहळु पड़से। तेरेमां चु पयदा हवणे वाळु चुखलु पुर्यु, भगवानेन पुर्यु कह्वायसे। 36 तारीत भाय-बेटी एलीसीबान बारामां सामळ, ची आंझी हतली, ने हय डाहवाराम भारीस हवसे, ने तेरो छटवो महनो चाल रयो। ने तेरो पुर्यो हवणे वाळो छे। 37 काहाकी भगवानेक नी बणे, असो काय बी, नी हय।"
38 मरीयम कह्यी, "सामळ! मे मालीक-भगवानेन चाकरी करने वाळी छे। तु हय कह्यु, तसोत मार साते हवणे दे।" ने तत्यार सरग वाळु काहवाळ्यु तेरेन्चां सी जात र्यु।