1 दाहड़ीन अळी-अळीन दुवा करनु चाहजे, ने हिम्मत नी छुड़नु चाहजे, ज सीकाड़ने करीन, ईसु हेरा चेलाक एक दाखलु सामळायु। 2 "काहनाक सहर मां एक नीयाव करन्यु हतलु, चु, नी ते भगवान सी बीहतेलु, ने नी ते कुय माणसेन परवाय करतेलु। 3 तीनात सहर मां एक रांडायली बायर बी हतली। ची तीना नीयाव करने वाळान चां आवीन असी कह्या करतेली, ‘नीयाव करीन मेसेक गुनु लागाड़न्या सी बचाड़ ने मेसेक नीयाव आपाड़!’ 4 चु बेसका दाहड़ा लग नीकारु करतु रयु, अळतेन चु आपसा मनेम कह्यु, मे नी ते भगवानेक बीहयो ने नी काहनाकेन परवाय करो, 5 बाकुन जी रांडायली बायर अळी-अळीन आवे, ने मेसेक परेसान करे, हेरेसी मे हेरु नीयाव करीस, तत्यार हयी, पछी अळी-अळीन नी आवे!"
6 मालीक ईसु अळी असु कह्यु, "सामळ्या की जु नी-धरमी नीयाव करन्यु काय कह्यु? 7 तेरेमां भगवान आपसा नेवाड़ला माणसे धड़े नीयाव करने मां वार लागाड़से काय? जे रात दाहड़ु आयड़ी-आयड़ीन तेरे धड़े दुवा कर्या करे? 8 मे तुहुंंक कह्वो; चु उतवाळुस तींद्रे वाटे नीयाव करसे। तेबी जत्यार माणसेन पुर्यु आवसे, ती चु धरती पर माणसे मां भुरसु कर रवलु देखसे काय?"