46 "मे जो कह्वो च ते तुहुंं मान्ता नी, ती तुहुंं मेसेक ए मालीक, ए मालीक! काहा कय र्या?6:46 मलाकी 1:6 47 जु मारे साते आवीन मारी वात सामळे ने तीनी वातेक मानीन जीवे, तेरे बारामां मे कह्वो की चु कुणीन तसु छे? 48 चु तीना माणसेन तसु छे, जु घर बणावणी टेमे उंडुत पायु खुद्यु ने तीना घरेन पायु ढाटा पर सी उठाड़ीन घर बांदीन बणायु। अळी जत्यार नदी आवी, ने पाणीन झलक तीना घरेन आफटायु, बाकुन ची झलक तीना घर काजे उदारी नी, काहाकी च घर बेसको पक्को बन्लो हतलो। 49 बाकुन जु मारी वात सामळे, ने तीनी वात काजे मानीन नी जीवे, चु तीना माणुस जसु छे, चु धुळाम पायु खुदीन पायु बांदे पाखुर, घर बांदीन बणायु, ने पाणीन झलक तीना घरेन आफटायु, ती चो घर तत्यारुत उदरी गुयो, ने खत्तम हय गुयो।"
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