35 पछेन चु ईतरुक अघु गुयु, ने धरती भीणी अळीन दुवा करने लाग्यु की कदी हय सके ती जी दुख मार पर सी टळ जाय। 36 ने दुवा कर्यु की, "तु मारु बास छे, तु आखो काय कर सक्सी; तेरेमां ईना दुखेन पीयाला काजे मार धड़े सी छेटु कर ले; तेबी मे चाहो तसों नी बाकुन तु चाहे तसों हवणी दे।"
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