31 तेरेमां मे तुहुंं काजे कह्वो, की माणसेन आखी भातीन पाप अळी खुड़ नीकाळनु माफ हय जासे, बाकुन चुखली-आत्मान वाक नीकाळसे तीनुक माफी नी जड़से। 32 जु कुय बी माणसेन पुर्यान वीरुद मां काय कह्वसे, तीनाक माफी जड़ जासे, बाकुन जु कुय बी चुखली-आत्मान वीरुद मां काय बी कह्वसे, तेरु पाप नी ते हीनी कळी ने अळी आवणे वाळी कळी मां बी माफी हवसे।