14 हींद्रे बारामां यसायाह ज्य भगवानेन अघी सी वात देखाड़ने वाळान पुरी हवे:
तुहुंं कान्टा सी ते सामळसु, बाकुन समजसु नी;
ने डुळा सी देखसु, बाकुन तुहुंंक नी पल्ले पड़े।
15 काहाकी हीनु माणसेन मन मटो हय गुयो,
ने चे कान्टा सी जुर सी सामळे,
ने चे तींद्रा डुळा काजे मीच लेदला छे;
काय असो नी हवे की चे डुळा सी देखे,
ने कान्टा सी सामळे,
ने मन सी समजे,
ने पछा फीर जाय,
मे तीनुक वारु करीस।