19 ज्य कुय राजेन बुल सामळीन नी समजे, तेरा मन मां ज्य काय बीज एरलो हतलो, तीना काजे च भुतड़ो आवीन भगवानेन बुल हापकीन लीन जाती रवे। जु हयुत छे, ज वाटे धड़े बीज एरलो हतलो।
19 ज्य कुय राजेन बुल सामळीन नी समजे, तेरा मन मां ज्य काय बीज एरलो हतलो, तीना काजे च भुतड़ो आवीन भगवानेन बुल हापकीन लीन जाती रवे। जु हयुत छे, ज वाटे धड़े बीज एरलो हतलो।