गुनाळा साते वेहवार
15 "कदी तारु भाय तारे वीरुद मां गुनु करे, ती जां अलग ली जाय्न वात करीन तीनाक समजाड़; कदी चु तारी सामळे ती, तु तारा भायस काजे हेर लेदु। 16 कदी चु नी सामळे, ती अळी एक नीते दुय जणा काजे साते लीन जां, की ‘एक-एक गुनु दुय नीते तीन जणान गवा छाचली हय जाय असो चुखली-सास्तुर मां लिखलो छे।’ 17 कदी चु तींद्री बी नी माने, ती मंडळी मां कय दे, बाकुन कदी हयु वां बी नी माने ती तु तीना काजे नी-यहुदी ने फाळु लेणे वाळान तसु जाण।
रुकणु ने जागु आपणु
18 "मे तुहुंंक छाचलीन कह्वो, ज काय तुहुंं कळी पर बांदसु, च सरग मां बांदायसे, ने ज काय तुहुंं कळी पर उघाड़सु, च सरग मां उघड़से।
19 "अळी मे तुंद्रे छाचलीन सी कहं, कदी तुंद्रे मां सी दुय जणा धरती पर काहनीक वात वाटे एक मन्या हय्न मांगसे, ती च मारा बास भीणी सी जु सरग मां छे, हींद्रे वाटे हय जासे। 20 काहाकी जां दुय नीते तीन मारा नाव सी भेळा हवसे, ती मे तींद्रे ईचमां रव।"