ईसु दस कुवारली पुरेन साहरे सीकाड़े
1 सरगेन राज तीनु दस कुवारली पुरेन तसों छे जी आपणु-आपणु दिवु लीन लाडा सी मेळने करीन गुय। 2 हींद्रे मां पांच डेड़ अकली ने पांच अक्कल वाळी हतली 3 डेड़ अकली पुरे आपसु दिवा ते लेदी, बाकुन आपणे साते तेल नी लेदी; 4 बाकुन अक्कल वाळी आपणा दिवा साते आपणा कुड़्या मां तेल बी भर लेदी। 5 जत्यार लाडान आवणे मां वार हय गुय ती ची आखी बकास्या लेणे लागी ने सुय गुय।
6 आधी राते चां कचाटु हय गुयु, देखु, लाडु आय रयु! तेरे सी मेळने चालु। 7 तत्यार ची आखी कुवारली उठीन आपणा-आपणा दिवा काजे वारु करने लागी। 8 ने डेड़ अकली ने अक्कल वाळी सी कह्वी आपणा तेल मां सी थुड़ोक तेल हामुक बी आपु काहाकी हामरा दिवा उलवायणी बाजी रया। 9 बाकुन अक्कल वाळी जपाप आपी, कदी ज्य हामरे ने तुंद्रे वाटे पुरो नी हवे; वारु ते ज्य छे की तुहुंं वेचणे वाळा धड़े जाय्न आपणे वाटे मुल ली लेवु। 10 जत्यार ची मुल लेणे जाणे बाजी रवली ती लाडु आय ज्य, ने जी तीयार हतली, ची लाडा साते ईयावेन घर मां जाती रय ने बारनो बुजाय ज्य।
11 हेरे पछेन ची दीसरी रवली कुवारली बी आवीन कह्वणे लागी, ए मालीक, ए मालीक, हामरे वाटे बारनो उघाड़ दे। 12 चु मालीक जपाप आप्यु, मे तुंद्रे सी छाचलीन25:12 सच कह्वो, मे तुहुंंक नी उळखो।
13 तेरेमां जागता रवु, काहाकी तुहुंं नीते तीना दाहड़ा काजे उळखु नीते तीनी टेम काजे जाणु।