31 तेरेमां तुहुंं फीकुर करीन घुण कहुं की, हामु काय खासुन, ने काय पीसुन ने काय पेहरसुन। 32 काहाकी नी-यहुदी तीनी आखी चीज काजे हेरता रहे, बाकुन तुंद्रु सरगेन बास जाणे की, तुहुंंक तीनी आखी चीजेन जरुवत छे।
31 तेरेमां तुहुंं फीकुर करीन घुण कहुं की, हामु काय खासुन, ने काय पीसुन ने काय पेहरसुन। 32 काहाकी नी-यहुदी तीनी आखी चीज काजे हेरता रहे, बाकुन तुंद्रु सरगेन बास जाणे की, तुहुंंक तीनी आखी चीजेन जरुवत छे।