23 जत्यार ईसु तीना हकदारेन घर मां पुग्यु ती पावळी आजाड़ने वाळाक ने माणसेन टुळाक रड़तेला देख्यु। 24 तत्यार ईसु कह्यु, "छेटा हय जावु, पुरे मरी नी, बाकुन सुय रय!" असु कह्यु अतरुत ने ईसुन हासी उड़ावणे बाजी गुया। 25 बाकुन जत्यार माणसेन टुळा काजे नीकाळ देदा, ती ईसु घर मां जाय्न पुरेन हात धर्यु, ने ची जीवती हय्न बठी हय गुय।