35 कुण आपणु काजे मसीन परम सी आन्गे करसे? काय दुख, नीते वेला, नीते काड़की, नीते काळ; नीते उघाल्ला नीते आफत, नीते तलवार? 36 जसों खरला सास्तुर मां लिखलो छे,
"तारे वाटे हामु दाहड़ीन मुतेन हात मां आपाय जाजे;
हामु ते तीनु गाडरान तसा गीणाय जाजे।"
37 बाकुन ईनुक आखी वात मां हामु भगवानेन साहरे जु आपणे सी परम कर्यु, जीत सी बी अघु छेकीन छे। 38 काहाकी मे छाचलीन जाणी लेदु की नी मुत, नी जीवन, नी सरग वाळा काहवाळ्या, नी हकदार, नी हय्न टेम, नी आवणे वाळी टेम, नी ताकत, नी उचाय, 39 नी उंडाय, ने नी कुय अळी कळी आपणु काजे भगवानेन परम सी जे आपणा मालीक ईसु मसी मां छे, आन्गे नी कर सके।