भुरसु ने अक्कल
2 ए मारा भायस्यो ने बहणस्या, ईसु पर भुरसु करनेन साहरे, तुंद्रे, पर कदी भाती-भातीन वेला ने पारख आया करे; तत्यार ईनी वात काजे तुहुंं खुसीन वात समजु। 3 काहाकी तुहुंं जाणु की तुंद्रु भुरसु जत्यार ईनी पारख मां जीत जाय, तीत हामु काजे गम खाणेन ताकत जड़े। 4 असा करीन तुहुंं गम खाणेन ताकत काजे तुंद्री जीवाय मां पुरो-पुरो वदणे देवु; तेरेसी तुहुंं भुरसा मां पुरा-पुरा पाक्का हय जावु, ने तुंद्री जीवाय मां काहनी बी वारलु वातेन कसर नी रवणु चाहजे।