5 चुखला सास्तुर मां सी आपणुक जी सीक जड़ली छे, की भगवान जत्यार माणसेक बणायु, तत्यार आपणा जीवो ने डीलो पुठ्ये रहणे करीन जीव-आत्मा काजे बी बठाड़्यु। हेरेसी चु आपणा जीव-आत्मान बारामां जी फीकुर करे, की आपणु जीव-आत्मा तेरे वाटे पुरो जीवणु चाहजे। चुखला सास्तुरेन ज बुल भुंडला वीच्यार सी। असा तुहुंं समजी र्या काय?