खरली सीक्सा काय छे
1 बाकुन तु असी वात कर रयु जु खरली अक्कल सीकाड़ने लायक छे। 2 ने डाहला2:2 वृद्ध माणसे सांती ने समजदार ने खुद काजे हक मां बणायन राखे, ने तींद्रु भुरसु ने परम ने सेण करने मां पाक्का रहु। 3 हेरेत वजे सी डाहला बायरान चाल-चालन चुखला बायरान तसा रवे; चे गुनु लागाड़ने ने नस्यु करनेन गुलाम नी रहे, बाकुन वारलु वात सीकाड़ने वाळी बणे। 4 काहाकी ची जुवान बायरी काजे सीकाड़ती रवे की आपसा घर वाळाक ने पुर्या सी परम राखे; 5 ने अक्कल वाळा, चुखली, डाहला माणसेन वात माने, घरेन कारबार करने वाळी, भुळी ने आपणा-आपणा घर वाळान हक मां रहणे वाळी हवणु, काहाकी भगवानेन बुलेन नाव-बद्दी नी हवे।
6 असोत जुवान अदमी काजे बी समजाड़्या कर की, चे हुस्यार बणु। 7 आखी वात मां आपणे आप काजे वारलु कामेन दाखलु बणाव; तारे सीकाड़ने सी चतराय, चे सीकणु चाहजे 8 ने असी खरली वात करु, की तीनी वात सी तुसे कुय भुंडुत नी कय सके काहाकी तु नी बाकुन उल्टा चे लाजवाये काहाकी तींद्रे धड़े तुसेक भुंडुत कहणेन काय नी रवसे।