माया कर परचा
1 अगर मै मनसे अउ स्वरगदूतन के भासा हे बात करिहों, अगर मै माया न रखिहों ता मै ठनठनाउत पीतर अउ झनझनात खंजडी हबो। 2 अगर मोके आगू कर बात करै के बरदान पाय हो, मै सब लुके बातन के जानथो, अउ मोके सगलू ग्यान मिल गय होय, मोर बिस्वास एतका मजबूत होय कि मोर कहे लग डोंगर अपन जिघा लग टर जाय, अगर मै माया नेहको रखिहों ता मै कुछु नेहको हबो। 3 अगर मै अपन सगलू डेरा भिखारिन हे बांट दो अउ अपन देह नास होय के निता दइ दो, अगर मै माया नेहको रकिहों ता एखर लग मोके कउनो फायदा नेहको।
4 माया धीर धरै बाले हबै अउ किरपालू हबै, माया न तो जलन करै, माया न अपन बडाई करै, न घमंड करै, 5 माया गलती के गिनती नेहको करथै ऊ अपन भलाई नेहको चाहथै, गुस्सा नेहको करथै बुरा नेहको मानथै। 6 सबैमेर के पाप के काम लग मगन नेहको होथै, पय सही लग मगन होथै। 7 ऊ सब कुछ ढाप देथै, सगलू बात सह लेथै, सगलू बातन हे बिस्वास करथै, सब कुछ के आसा करथै अउ सब बात हे धीर धरथै।