19 आसिया परदेस के मंडली के मनसे तुमही नमस्ते, अक्विला अउ प्रिस्का के अउ ऊ मंडली के तरफ लग, जउन उनखर घर हे परभु के महिमा करै के निता जुडथै, परभु हे तुमही बोहत-बोहत नमस्ते।
19 आसिया परदेस के मंडली के मनसे तुमही नमस्ते, अक्विला अउ प्रिस्का के अउ ऊ मंडली के तरफ लग, जउन उनखर घर हे परभु के महिमा करै के निता जुडथै, परभु हे तुमही बोहत-बोहत नमस्ते।