बिस्वासिन हे झगडा
1 का तुम्हर मसे कउ असना हबै, जउन अपन साथिन के संग लडाई हुइ जाय, अउ भगवान के पवितर मनसेन के लिघ्घो न जाय के पापी मनसेन के अदालत हे जाय के हिम्मत करत होय? 2 का तुम नेहको जानथा कि भगवान के पवितर मनसे दुनिया के नियाव करही? अउ जब तुम्हर दवारा सगलू दुनिया के नियाव करे जही, ता का अपन हइ नान-नान झगडन के नियाव करै के काबिल नेहको हबा? 3 का तुम हइ नेहको जानथा कि हम स्वरगदूतन के नियाव करबो? ता ओखर आगू हइ दुनिया के झगडा काहिन हबै? 4 अगर तुम्हर बीच दुनिया भर के झगडा जीवन हे हबै ता का तुम्हर बीच कउनो असना दिमाक बाले मनसे नेहको हबै, जउन अपन मंडली के संगी बिस्वासिन के झगडा के अपन दिमाक लग नेहको नियाव के सकै? 5 मै तुमही लजुवामै के निता हइ कथो, का तुम्हर बीच अक्कोठे असना होसियार मनसे नेहको हबै, जउन अपन मसीही भाई के आपसी झगडा के पटाय सकै?