24 का तुम नेहको जानथा कि दउरै हे तो सब दउरै बाले दउरथै, पय इनाम अकैझन के मिलथै? तुम असना दउरा कि इनाम पाय सका। 25 हर अक्ठी खेल, जउन खेल हे भाग लेथै, उन हर बात हे धीर धरथै, उन नास होय बाले इनाम मुकुट पामै के निता असना करथै, जब कि हम जउन इनाम मुकुट कबहुं नास नेहको होमै बाले हबै ओखर निता करथन। 26 इहैनिता मै अक्ठी जरूरी इनाम आगू धर के दउरथो, मै असना हवा हे मुटका नेहको मारथो। 27 मै अपन देह के मारत पीटत अउ वस हे करथो, कहुं असना झइ होय कि दूसर के परचार करै के बाद मै खुदै कउनो मेर लग बेकार ठहरों।
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