12 आने जात हे तुम्हर चाल चलन निक्खा होय, जेखर लग कि जेखर बारे हे उन तुमही अपराधी मेर जानके बदनाम करथै, तुम्हर निक्खा काम के देखके ऊ आगमन के रोज भगवान कर महिमा करही।
भगवान कर हरवाह
13 परभु के निता मनसेन के दवारा चुने हर, हर अक्ठी सासक के वस हे रहा, चाहे ऊ राजा होय सबले बडा साहब हबै। 14 चाहे ऊ राजपाल के होय, जउन कुकरमिन के सजा पय सुकरमिन के बडाई करै के निता राजा के दवारा चुने गय हबै।