बदलाव जीवन
1 मसीह अपन देह हे दुख सहिस, तुमो खुद ओसनेन मन हे बनाय रखा, काखे जउन कउ देह हे दुख सहे हबै, ऊ पाप के छांड दय हबै, 2 इहैनिता अब ले तुम्हर बाकी देह जीवन मन के इक्छा के पूर करै के नेहको, पय भगवान के इक्छा के जसना अपन बाकी जीवन गुजारा। 3 तुम पहिले संसारिक मनसेन के जीवन मेर गलत काम, लफन्गा के बेकार लालच, दरुहाइ, नाटक बाले, अइसो अराम अउ मूरती पूजन हे जउन टेम गवाइन उहै बोहत हुइस। 4 अब जब तुम हइ बेकार कामन हे रहन सहन हे उनखर संग नेहको देथा, ता उन चकित होथै अउ उन तुम्हर बुराई करथै। 5 उनही जिन्दा अउ मरे हरन के नियाव करैबाले भगवान के अपन चाल चलन के लेखाजोखा देयका पडही4:5 2 तीमु 4:1।