2 तुमही भगवान के जउन झुन्ड सउपे गय हबै, ओखर बरेदी बना, भगवान के इक्छा के जसना उनखर देखरेख करा दबाव हे नेहको, पय अपन इक्छा के जसना, पइसा के लालच के निता नेहको पय सुध्द सेबा भाव लग, 3 अपन सउपे हर मनसेन हे हक झइ जताबा, पय झुन्ड के निता इमानदार बन के सेबा करा। 4 जउन टेम परधान बरेदी परगट होही, ता तुम कबहुं नेहको बुझाय बाले महिमा के मुकुट पइहा।
5 अउ तुम, जबान टोरवा सियानन के कबजा हे रहा, तुम सब नम्र हुइ के अक दूसर के सेबा के निता कनिहा कस के तइयार रइहा, काखे भगवान घमन्डिन के बिरोध करथै, पय ऊ दीनहीन मनसेन हे दया करथै।