परभु फेरै आही
13 हे भाई, हम नेहको चाहथन कि तुम उनखर बारे हे अनचिन्हार रहा, जउन मर गय हबै, कहुं असना झइ होय कि तुम उन मनसेन के जसना दुखी बनाबा, जिनही कउनो आसा नेहको हबै।
13 हे भाई, हम नेहको चाहथन कि तुम उनखर बारे हे अनचिन्हार रहा, जउन मर गय हबै, कहुं असना झइ होय कि तुम उन मनसेन के जसना दुखी बनाबा, जिनही कउनो आसा नेहको हबै।