4 हे भाई, तुम तो अंधियार हे नेहको हबा, कि ऊ दिन तोर उप्पर चोरटा के जसना अचनकै आय जही। 5 तुम सब उजियार के लरका हबा अउ दिन के लरका हबा, हम न तो रात के हबन अउ न अंधियार के हबन। 6 इहैनिता हम दूसर के जसना सोउत झइ रही, पय जागत अउ चेतन्त रही। 7 जउन सोउत हबै उन रात हे सोउत हबै, अउ जउन दरुहा हबै ऊ रातै के दरुहा होथै। 8 हम जउन दिन के हबन, बिस्वास अउ माया के कवच पहिन के अउ मुकति के आसा के टोपी पहिन के चेतन्त बने रही। 9 भगवान हमही गुस्साय के निता नेहको, पय हम अपन परभु यीसु मसीह के दवारा मुकति पामै के निता ठहराय गय हबन।
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