6 पय बात हइ हबै जउन चुटु बोथै, ऊ चुटु काटथै अउ जउन बोहत बोथै ऊ बोहत काटथै। 7 इहैनिता जउन अपन मन हे जेतका देय का ठाने हबै, ऊ ओतकै दे, बिना इक्छा के या जबरजस्ती लग नेहको काखे भगवान के पिरिया ऊ हबै, जउन खुसी लग देथै।
6 पय बात हइ हबै जउन चुटु बोथै, ऊ चुटु काटथै अउ जउन बोहत बोथै ऊ बोहत काटथै। 7 इहैनिता जउन अपन मन हे जेतका देय का ठाने हबै, ऊ ओतकै दे, बिना इक्छा के या जबरजस्ती लग नेहको काखे भगवान के पिरिया ऊ हबै, जउन खुसी लग देथै।