ठगरा गुरू
1 ठगरा ग्यानी मनसे इस्राएल देस हे परगट होय रहिन, ठीक उहैमेर तुम्हर बीच ठगरा गुरू हुइहीं, जउन लुके मेर लग आदेस ना मानै बाले भरमामै बाले जसना मेर परचार करही, उन स्वामी के नेहको मनही, जउन उनही खरीद लय हबै, अउ हइ मेर उन जलदी अपन नास के कारन बनही। 2 बोहत मनसे उनखर जसना लुचपन के चाल चलन चलही, अउ उनखर कारन सत्य के रास्ता निन्दा करे जही2:2 यहेज 36:22; रोमियो 2:24। 3 उन लालच हे तुमही अपन मन गडन्त बातन हे फसाय के तुम्हर लग बेकार फायदा उठाही, उनखर निता नियाव सजा पहिले लग तय हुइ चुके हबै, अउ ऊ उनखर पाछू करत हबै, उनखर नास सोय हर नेहको हबै।